भाग्य बड़ा या कर्म

भाग्य बड़ा या कर्म

smart
smart people
दोस्तों अगर आप भाग्य को बड़ा मानते हैं तो अभी इसी वक्त आप इस कंटेंट से बाहर जा सकते हैं यदि आप कर्म को बड़ा मानते हैं तो आपका दिल से स्वागत है जैसा कि हम कह रहे थे कर्मों के विषय में, ईश्वर का दूसरा नाम कर्म है अर्थात कर्म के बिना किसी कार्य की सफलता अनिश्चित है लेकिन आज पढ़े लिखे लोगों को भी भाग्य के विषय में बातचीत करते सुनते हैं तो काफी दुख होता है यह कहावत प्रचलित है “ समय से पहले ना तो भाग्यसे ज्यादा” अर्थात समय से पहले कुछ भी नहीं हो सकता और भाग्य से ज्यादा जीवन में नहीं मिल सकता  कहावत  ने ना जाने कितने लोगों को मानसिक रूप से अपाहिज बना दिया और ना जाने कितने आने वाले समय में लोगों को मानसिकता अपाहिज  बनाएगा, मेरा मतलब इतना है कि सिर्फ कर्म से ही भाग्य का निर्माण संभव है आज देश के लाखों करोड़ों लोग ज्योतिषियों, बाबाओं के चक्कर में उलझ कर अपने हाथों की लकीरों में वह नग , मणि ,
                      ताबीज मैं अपना भाग्य खोज रहे हैं जहां न सिर्फ धन की हानि है बल्कि समय की भी बर्बादी है ऐसे लोगों के पास जाने का मतलब है कि लोग अपने बंद किस्मत की चाबी उनके पास ढूंढ रहे हैं जो खुद अपनी किस्मत के बारे में नहीं जानते अंधविश्वासी लोगों को अपने जाल में फंसा कर अपने भाग को जरूर चमका लेते हैं इसके लिए ए लोग बकायदा मीडिया कैंपेन चलाते है  I इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से लेकर अखबारों तक इस तरह के विज्ञापन से भरे पड़े हैं मगर यहां सवाल यह उठता है कि लोग ऐसे विज्ञापनों के चक्कर में फस कैसे जाते हैं? बाबाओं के करतूतों की कहानियां समय-समय पर उजागर होती रहती है मगर फिर भी चुंबक की तरह लोग इनके  पास खींचे चले जाते ह I सालों के रिसर्च के बाद यह सामने आया है कि भारतीय अध्यात्म दुनिया भर में नंबर 1  था जो कि आज भी नंबर  एक है I प्राचीन काल में भारत विश्व गुरु के रूप में विख्यात था I भारत  को विश्व गुरु का दर्जा दिलाने का श्रेय यहां के संत महात्माओं को जाता है जो अपने तपोवन – योग साधना के बदौलत मानवी दिमाग की उन सभी शक्तियों को जागृत कर भूत एवं भविष्य को आसानी से जान लेते थे अपनी सारी ज्ञान इंद्रियों को अपने तपोवन तथा सिद्धि से सृष्टि के छिपे रहस्य को जान लेते थे जो कि आम आदमी के समझ से परे था I आज भी देश में सिद्ध पुरुषों की कमी नहीं है ना तो ऐसे महात्माओं की कमी है फर्क सिर्फ इतना है कि यह लोग मीडिया कैंपेन नहीं चलाते इसलिए इनकी प्रसिद्धि लोगों के बीच नहीं है नकली बाबाओं, महात्माओं का जाल मीडिया कैंपेन के जरिए घर कर फैला हुआ है इतना ही नहीं उनके एजेंट गांव गांव शहर शहर फैले हुए हैं जो लोगों को आसानी से अपने नकली चमत्कार दिखाकर फंसा लेते हैं जानी-मानी हस्तियों को भी मेरा मतलब सेलिब्रिटी जिन्हें लोग टीवी सीरियल या फिल्मों के माध्यम से जानते और पहचानते हैं इन लोगों से विज्ञापन करा कर भाग्य चमकाने  वाले तमाम नुस्खों को बेचकर ,अपना भाग्य जरूर चमका ले रहे े हैं 

बिना कर्म के कुछ नहीं मिलता 

 

                                                  यह लोग भी बिना कर्म किए अपनी दुकान नहीं चला पाते है मतलब सिर्फ इतना सा है जब इनको अपना भाग्य चमकाने के लिए कर्म करना ही पड़ रहा है तो हमारी आप की क्या औकात? इस दुनिया में बिना कर्म के कुछ भी नहीं हो सकता, अधिकांश लोग अनजाने में अपने कर्म को ठोकर मार कर इनके दरवाजे के चक्कर लगा रहे हैं अपने भाग को धीरे धीरे पैरों तले कुचल कर ईश्वरी शक्ति को भी चुनौती दे रहे हैं अपना कर्म छोड़ I मंदिरों और मस्जिदों में चढ़ावा चढ़ा रहे हैं य कड़वा सच है कि कर्महीन व्यक्ति का चढ़ावा ईश्वर कभी नहीं स्वीकारते I
आज भी वक्त है अपने भाग की लकीरों को अपने कर्मों से जिधर चाहे उधर मोड़ दीजिए मगर किसी के कहने से अपने हथियार त्याग  कर मत बैठ जाइए अमूमन लोग ज्यादातर कहते सुनाई पड़ते हैं ,भाग्य बड़ा ना भैया सबसे बड़ा रुपैया |
 I बिना रुपैया के भी हजारों लोग अपने कर्मों के द्वारा करोड़ों का कारोबार खड़ा कर रहे हैं इसबात  को अपने दिमाग से निकाल फेको अगर आप भी इस उलझन में है  business  के लिए पैसा नहीं है पढने  के लिए पैसा नहीं है तो इस  उलझन से बाहर  निकल जाइए

 

 

Leave a Comment