योग कैसे करे, योग करने से क्या फायदा है ?

                 योग का प्राचीन इतिहास 
                      Yog Kaise Kare 
नमस्कार दोस्तों ,इस आर्टिकल में हम आपको योग क्या है ? योग का इतिहास ,योग आया कहा से ,योग कैसे करे इस विषय पर बात करेंगे।

योग कैसे करे, योग करने से क्या फायदा है ?

योग  संस्कृत धातु’ यूज ‘ से निकला है   अधिकांश  लोग  योग  को केवल शारीरिक         व्यायाम   ही  मानते हैं     लेकिन यह  सच  नहीं है।  योग मन, बुद्धि ,आत्मा और       शरीर का   आपसी  मिलन है जो ना   सिर्फ व्यक्ति को स्वस्थ बनाने में योगदान देता है बल्कि    मानसिक व शारीरिक  रूप से भी   स्वस्थ बनाता है। 
                                                                                                                                                         हारमोंनल  डिसबैलेंस को संतुलित करता है जिससे व्यक्ति अपने आप को सिर्फ स्वस्थ रख पाता है      बल्कि ईश्वर और   प्रकृति से संतुलन     स्थापित कर लेता है।         प्रकृति से संतुलन स्थापित   करने का  आशय है       स्वयं को     सफलता की   बुलंदियों की ओर     ले  कर जाना  ,   आत्मा को   परमात्मा में   विलीन कर देना ,       स्वयं को लक्ष्य       की दिशा में लेकर   जाना।
योग क्या है?(Yog Kaise Kare )
योग शब्द का मतलब है  जुड़ना दो आपसी विपरीत दिशाओं युग्मो  व       अणुओ   –  परमाणुओ  का आपस  में संपर्क स्थापित    करने को योग कहा जाता है       योग का शाब्दिक अर्थ है          योगश्चितवृत्तिनिरोध: महर्षि पतंजलि को योग के पिता के रूप में   जाना जाता है।’ योग दर्शन‘ ना मक      पुस्तिका में योग के बारे में विस्तार पूर्वक  वर्णन किया है।  योग का      शाब्दिक अर्थ  मन  ,   बुद्धि, आत्मा        और शरीर   का आपसी      संतुलन स्थापित हो जाना  ,योग का मूल अर्थ यही है।  योग  से हमारे मन व  बुद्धि में   मौजूद   तमाम प्रकार के विकारो     मतलब  नेगेटिव विचारो व छवियों को बा हर निकाला  जा सकता है।   
                                                                                                             

योग कैसे करे, योग करने से क्या फायदा है ?

                                              योग का  सीधा-सीधा   मतलब, मन को  सही दिशा प्रदान करना  है यानि  मन को सही डायरेक्शन देना।    आप सभी      इस बात को भलीभांति जानते हैं कि मन ही  हमारे शरीर को ऑपरेट  करता है। 
                                                                                                                                                            हमारे    शरीर को दिशा        देने का कार्य मन के    द्वारा ही  किया जाता है।  मन का विज्ञान इतना विस्तृत  है की इस छोटे से आर्टिकल में समझा पाना  अत्यंत कठिन कार्य है।      इसकी तुलना किसी  अन्य विज्ञान से नहीं किया जा सकता है।     
                                                                                                                                                                   योग विज्ञान मन के विज्ञानं का एक छोटा प्रारूप मात्र है।   इसलिए मन के   विज्ञान को अगर आप समझना चाहते हैं तो सर्वप्रथम योग विज्ञान को समझना पड़ेगा।   मन का विज्ञान  समझ लेने मात्र से हताश व निराश इंसान के मन में एक किरण की ज्वाला फुट पङती है।     यही प्रकाश की लहरे     उस ब्यक्ति को सफलता की बुलंदियों की ओर खींच कर ले जाते  है।
योग क्यों करें?  (Yog Kaise Kare )
योग हमारे देश में सदियों से प्राचीन काल से  चला आ रहा है।       गुरुकुल  प्राचीन  शिक्षा  प्रणाली     में  योग को  एक  महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त था क्योंकि संत महात्मा ऋषि -मुनियो को यह बात भली -भांति मालूम था की एक इंसान के सफल जीवन व सुख समृद्धि के लिए मानशिक स्वाश्थ  का  क्या रोल है ? क्योकि मानशिक  व शारीरिक रूप से स्वश्थ इंसान ही अपनी एकाग्रता को नियंत्रण में रख पाता है। 
                                                                                                                                                            आत्म केंद्रित व्यक्ति ही  खुद को सही दिशा में ले जा सकता है। ‘Succcess Of  Key’   एकाग्रता को ही माना जाता है।  योग विज्ञान के महत्व को प्राचीन ऋषि -मुनि व  महात्मा तो समझ गए थे   लेकिन आज आधुनिक चकाचौंध में लोग योग विज्ञान को  समझने में  कामयाब   नहीं हो  पा रहे हैं।   
                                                                                                                                                          समाज में व्याप्त चोरी, डकैती ,भ्रष्टाचार ,जातिवाद ,अंधविश्वास ,रूढ़ि वादी परंपरा  ,  हत्या,बलात्कार के बढ़ने का एकमात्र  कारण है मन के विज्ञान को न समझ पाना ,मन से  भटका इंसान  समाज में  मौजूद इन घटनाओं को अंजाम दे रहा है।   
                                                                                                                                                                        समाज के लोग लगातार अपनी दिशा से         भटकते जा रहे है। इसलिए आज      योग विज्ञान को समझना आवश्यक हो गया है अगर आप सफलता की बुलंदी को छूना चाहते है या   अपने   सारे       सपनों को पूरा करना चाहते हैं तो योग विज्ञान को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाना होगा   क्योंकि मन से भटका हुआ इंसान खुद को सही दिशा कभी नहीं दे पाता है।
योग कैसे करें?(Yog Kaise Kare )
 सुबह 4:00 से  6:00 बजे के बीच ही करना चाहिए, क्योंकि   यह  ब्रह्म  काल का समय होता है। ब्रह्म मुहूर्त के समय में प्रकृति शांत  मुद्रा में होती है।  इस समय   वातावरण में ऑक्सीजन की मात्रा सर्वाधिक पाई जाती है 24 घंटों में मात्र  दो ही  घंटा ऐसा होता है  जिस समय ऑक्सीजन  की मात्रा अधिक   पाई जाती है।                                                                                                                                                                                                  योग यूं   ही     शुरू नहीं किया जा सकता जैसे  आमतौर से लोग करना शुरू कर देते हैं।  किसी योग्य  गुरु की      देख रेख में ही योग करना चाहिए। आज ज्यादातर     देखने में आ रहा है कि लोग टीवी    देख कर ही हो योग करना    शुरू कर देते हैं लेकिन यह गलत परंपरा है। 
                                                                                                                                                             योग के जि तने फायदे हैं उतने नुकसान भी हैं        अगर  आपने सही      तरीके से योग नहीं किया तो इसका दुष्परिणाम भी शरीर पर पड़ सकता है।

इसलिए  बिना जानकारी के योग करने  की      शुरुआत आनन-फानन  में ना करे योग सिखाने वाली संस्थाएं लगभग हर जिले में मौजूद है। आसपास पता करें, समय-समय पर योग कक्षाओं   का आयोजन किया जाता है या  अपने नजदीकी पतंजली आरोग्य    चिकित्सालय में जाकर योग कक्षा        के बारे में      जानकारी लेकर मामूली शुल्क देकर  सीख सकते हैं।
योग्यता आठ चरण में विभाजित है
1-     यम 
2  –  नियम 
3   –    आसन
4 –  प्राणायाम
5 –      प्रत्याहार 
6 –  धारणा 
7  ध्यान
8 –  समाधि

  

प्राणायाम क्या है ?(Yog Kya Hai )
प्राणायाम =प्राण +आयाम इसका शाब्दिक अर्थ है :प्राण (श्वशन )लम्बा करना     या “प्राण “(जीवन शक्ति)को लम्बा करना  प्राणायाम             अर्थात स्वाश को नियंत्रित करना , योग की आत्मा तक  कहा जाता है क्योंकि प्राणायाम करने की प्रक्रिया पूरी तरह शारीरिक अभ्यास है  बाकी अन्य तो मन और शरीर के द्वारा किया जाता है लेकिन प्राणायाम एक शारीरिक और मानसिक दोनों  तरह का अभ्यास है।

योग कैसे करे, योग करने से क्या फायदा है ?

 प्रमुख प्राणायाम । 
1 -भस्त्रिका प्राणायाम 
 2  कपालभाँति  प्राणायाम 
3 –  अनुलोम -विलोम प्राणायाम 
4 – अग्निसार प्राणायाम 
5- भ्रामरी  प्राणायाम 
6-उद्गीत प्रणव  प्राणायाम 
योग करने के क्या फायदे हैं?
योग करने से एको  नहीं बल्कि    अनेकों फायदे हैं   जानकार आपको  घोर    आश्चर्य  हो सकता है योग आपको निर्धारित लक्ष्य तक ले  जाने का   एक सरल सीधा   अध्यात्मिक मार्ग है।    अगर आपने जीवन में कोई लक्ष्य निर्धारित कर लिया है तो निश्चित रूप से आप   अपने लक्ष्य तक         पहुंचने में योग के माध्यम से कामयाब हो सकते हैं।
स्वस्थ शरीर में ही  स्वस्थ दिमाग का निवास होता है   अगर आपका शरीर तमाम प्रकार की व्याधियों मतलब किसी प्रकार  के रोग से ग्रसित हो जाए तो आपका ध्यान बार-बार भ टकता रहेगा  और मन    को दिशा-निर्देश गलत  मिलता  रहेगा, आप  कभी भी अपने  लक्ष्य तक  पहुंच  नहीं पाएंगे, निरोगी    काया का होना आवश्यक है।                                                                                                                                                                            योग  का महत्व पूर्ण कार्य शरीर व मन को स्वस्थ बनाना है आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि संभव है अगर रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक है तो निश्चित रूप से आपकी कोशिकाएं   मजबूत होगी तथा आप विभिन्न रोगों से    आसानी से लड़   पाएंगे जब  रोगों से   लड़ने की    क्षमता बढ़    जाती है तो रोग  आपसे कोसों दूर  भाग जाते हैं, तब इस अवस्था में योग का महत्व समझ सकते हैं।       
                                                                                                                                                             आज मोटापा एक बहुत बड़ी समस्या का रूप ले चुका है इसके कारण मरने वालों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है अधिकांश हार्ट , शुगर, ब्लड प्रेशर  का कारण मोटापा  है। कैंसर ,एड्स टी बी से भी घातक ,मोटापा नामक बीमारी है।

इससे आप सहज ही अंदाजा लगा सकते हैं योग करने से क्या फायदा होने वाला है तो देर किस बात की दोस्तों आज  से ही योग की  दिशा में कदम बढ़ा दे।   
                                                                                                                                                                तनाव ,चिंता , डिप्रेशन, अल्जाइमर्स  आज के समय की     सबसे बड़ी बीमारी बन चुके  है।  पैदा होने वाला रोग लक्षण शरीर मात्र प्रकट करने का माध्यम है। योग टू इन One है ,शरीरिक व मानशिक दोनों तरह से स्वश्थ बना ता है  योग करने से आपको सबसे बड़ा फायदा यह होने वाला है   आप इस दुनिया की   महामारी से बच कर खुश रह       कर पारिवारिक   जिम्मेदारियों के साथ    असफलता को मुस्कुराते झेलते     हुए जीवन में कामयाबी के झंडे लहराते हुए आगे बढ़ेगे।  

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